Tuesday, October 20th, 2026

समाजवादी और PM आवास योजना के मकान हुए महंगे, 1001 करोड़ रुपये का बजट हुआ पास

गाजियाबाद
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की बोर्ड बैठक शनिवार को मंडलायुक्त अनिता मेश्राम की अध्यक्षता में हुई। इसमें 20 प्रस्ताव पेश किए गए। जिसमें से 17 को पास किया गया, जबकि कुछ प्रस्ताव को अगली बैठक में संशोधित करके रखने का फैसला लिया गया है।

बैठक में जीडीए के वित्तीय वर्ष 2021-22 का 1001 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया। साथ ही बैठक में जीडीए ने अपनी 10 योजनाओं में पहले आओ पहले पाओ स्कीम को लागू कर दिया है। इसमें कुल 2134 भवन शामिल हैं। मधुबन बापूधाम के पांच पाकेट के भवनों के अलावा वैशाली के मंदाकिनी व अलकनंदा अपार्टमेंट, कोयल एन्क्लेव, इंद्रप्रस्थ योजना, चंद्रशिला योजना और मोदीनगर की संजयपुरी योजना शामिल है।

दावा किया जा रहा है कि इस स्कीम के लागू होने से जीडीए को 750 करोड़ रुपये की आय होगी। दूसरी तरफ से समाजवादी आवास योजना को अफोर्डएबल हाउसिंग के तहत करते हुए इसकी कीमत को तीन से चार लाख रुपये बढ़ाया गया है, जबकि पीएम आवास योजना के जो भवन 4.50 लाख रुपये के थे उसे बढ़ाकर छह लाख रुपये कर दिया गया है।

मंडलायुक्त ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत जहां पर आवंटन हो चुका है, वहां पर पुराने रेट पर भी भवन दिया जाएगा। लेकिन बाकी योजना में नए रेट से लाभार्थियों को आवंटित किया जाएगा। ऐसा किए जाने से जहां अभी तक आवंटी को केवल दो लाख रुपये देना पड़ रहा था। अब साढ़े तीन लाख रुपये देना होगा।

नेहरूनगर के वर्कशॉप की 9445 वर्ग मीटर जमीन को आवासीय में परिवर्तित करके बेचने की योजना बनाई थी। लेकिन इस पर पार्षद राजेंद्र त्यागी, पार्षद हिमांशु मित्तल और पार्षद अनिल स्वामी ने आपत्ति दर्ज कराई थी। जीडीए ने सचिव संतोष कुमार राय की अध्यक्षता में कमिटी बनाकर जांच की। आपत्ति को सराहनीय बताया गया। लेकिन जीडीए बोर्ड सदस्य पार्षदों ने काफी विरोध किया। निर्णय हुआ कि अब यहां पर पार्क का ही निर्माण किया जाएगा। जीडीए इसके लिए प्लान तैयार करेगा।

लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर के विकास शुल्क को 3314 रुपये से कम करके 1200 रुपये किए जाने के कैबिनेट के फैसले को जीडीए बोर्ड बैठक में पास किया गया। अब इस एरिया में भवन का निर्माण करवाना सस्ता हो जाएगा।

मधुबन बापूधाम आवासीय योजना में जीडीए ने करीब सात साल पहले भूखंडों को 11 से 13 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से बेच दिया था। लेकिन अब मुआवजा ज्यादा देने की वजह से इन आवंटियों से इसकी वसूली का डिमांड नोटिस भेजा गया। जिसका लोगों ने काफी विरोध किया। निर्णय लिया गया है कि इस प्रस्ताव को संशोधित करके अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसमें पुराने आवंटियों पर कम भार दिए जाने पर भी सहमति बनी हुई। जबकि नए भूखंडों पर ज्यादा कीमत पर बेचने की बात कही गई है।

कौशांबी में 11000 वर्ग मीटर के भूखंड को जीडीए 200 से 300 वर्ग मीटर के छोटे-छोटे भूखंड करके बेचने का प्रस्ताव पेश किया। निर्णय हुआ है कि इसमें 2000 से 3000 वर्ग मीटर के ग्रुप हाउसिंग भूखंड करके बेचा जाएगा। अगली बोर्ड बैठक में संशोधित प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

 

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Source : Agency

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